गुयाना में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, 1968 के बाद पहली बार पहुंचे भारतीय प्रधानमंत्री

जार्जटाउन (गुयाना)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीन देशों की अपनी यात्रा के अंतिम चरण में बुधवार को गुयाना पहुंचे। गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली, प्रधानमंत्री मार्क एंथनी फिलिप्स और 12 से अधिक कैबिनेट मंत्रियों ने खुद एयरपोर्ट पहुंचकर उनका स्वागत किया। पीएम मोदी के होटल पहुंचने पर ग्रेनेडा के प्रधानमंत्री डिकान मिशेल और बारबाडोस की प्रधानमंत्री मिया अमोर मोटली भी वहां मौजूद थीं।

पीएम मोदी को भारत-गुयाना के घनिष्ठ संबंधों के प्रमाण के रूप में 'जार्जटाउन शहर की चाबी' भी सौंपी गई। 56 वर्षों में कैरेबियाई देश गुयाना की यात्रा करने वाले मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। उनसे पहले वर्ष 1968 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी वहां गई थीं। प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति इरफान अली के निमंत्रण पर गुयाना पहुंचे हैं और वह गुरुवार तक वहां रहेंगे।

पीएम मोदी ने जताया आभार
प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्स' पर लिखा, 'थोड़ी देर पहले गुयाना पहुंचा हूं। हवाई अड्डे पर स्वागत करने के लिए राष्ट्रपति डॉ. इरफान अली, प्रधानमंत्री मार्क एंथनी फिलिप्स, वरिष्ठ मंत्रियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का आभार। मुझे विश्वास है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच मित्रता को और मजबूत करेगी।' भारत के विदेश मंत्रालय ने 'एक्स' पर एक पोस्ट के साथ तस्वीरें भी साझा कीं और इसे 'खास स्वागत' बताया।

होटल में प्रधानमंत्री मोदी ने प्रवासी भारतीयों से भी बातचीत की। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, 'गुयाना में भारतीय समुदाय को उनके गर्मजोशी भरे और जोशीले स्वागत के लिए दिल से धन्यवाद। उन्होंने दिखाया है कि दूरी कभी भी अपनी जड़ों से जुड़े रहने में बाधा नहीं बनती। समुदाय को विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाते देखकर खुशी हुई।'

प्रधानमंत्री ने कुछ तस्वीरें भी साझा कीं।अपनी यात्रा के दौरान मोदी राष्ट्रपति अली से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के बीच अनूठे संबंधों को रणनीतिक दिशा देने पर विचार विमर्श करेंगे। वह प्रवासी भारतीयों के प्रति सम्मान प्रकट करेंगे और गुयाना की संसद को संबोधित करेंगे। वह दूसरे 'भारत-कैरिकाम' शिखर सम्मेलन में कैरेबियाई साझेदार देशों के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे।

पीएम मोदी को किया जाएगा सम्मानित
कैरिकाम (द कैरेबियन कम्युनिटी) 21 देशों का समूह है जिसकी स्थापना 1973 में हुई थी। प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा कि भारत विभिन्न क्षेत्रों में कैरिकाम के साथ सहयोग मजबूत करने का इच्छुक है।यात्रा के दौरान गुयाना और बारबाडोस प्रधानमंत्री मोदी को अपने-अपने देश के सर्वोच्च सम्मान क्रमश: 'द आर्डर आफ एक्सीलेंस' और 'ऑनरेरी ऑर्डर ऑफ फ्रीडम आफ बारबाडोस' से सम्मानित करेंगे।

गुयाना में भारतीय मूल के लगभग 3.20 लाख लोग
जबकि डोमिनिका पहले ही उन्हें अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार 'डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर' प्रदान करने की घोषणा कर चुका है। इन पुरस्कारों को मिलने के बाद प्रधानमंत्री मोदी को विभिन्न देशों से मिले सम्मानों की संख्या 19 हो जाएगी। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, गुयाना में भारतीय मूल के लगभग 3.20 लाख लोग हैं। यह सबसे प्राचीन भारतीय समुदाय है जो 185 वर्ष से भी पहले वहां आए थे।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *