MP के 20 जिलों में आज लू चलने का अलर्ट

भोपाल, मध्य प्रदेश में इन दिनों गर्मी तीखे तेवर दिखा रही है। शुक्रवार को 20 जिलों में हीट वेव यानी लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। इनमें रतलाम, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। वहीं, 19-20 अप्रैल को कुछ जिलों में बारिश के आसार हैं।

उधर, रायसेन और अनूपपुर में बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्कूलों का समय सुबह 7.30 से दोपहर 12 तक कर दिया गया है। डिंडौरी में भी नर्सरी से 8वीं तक के सभी स्कूल सुबह साढ़े 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही लगाए जाएंगे।

इससे पहले गुरुवार को नर्मदापुरम का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सीजन का सबसे ज्यादा है। वहीं, रतलाम, धार, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में लू जैसे हालात रहे।

नर्मदापुरम के बाद रतलाम दूसरा सबसे गर्म शहर रहा, यहां अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री दर्ज किया गया। दमोह-मंडला में 42 डिग्री, शाजापुर में 41.8 डिग्री, गुना में 41.7 डिग्री, मलाजखंड, टीकमगढ़-छिंदवाड़ा में 41.5 डिग्री, उमरिया-श्योपुर में 41.4 डिग्री, धार-खजुराहो में 41 डिग्री, सतना में 40.9 डिग्री, खरगोन में 40.8 डिग्री, सागर में 40.7 डिग्री, दतिया-सीधी में 40.6 डिग्री, खंडवा-बैतूल में 40.5 डिग्री, सिवनी-रीवा में 40.4 डिग्री और नौगांव में पारा 40.2 डिग्री सेल्सियस पारा रहा।

प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में सबसे ज्यादा 41.4 डिग्री, भोपाल में 40.5 डिग्री, इंदौर में 40.1 डिग्री, ग्वालियर में 40.5 डिग्री और उज्जैन में 40.7 डिग्री तापमान रहा।

अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में गर्मी का ट्रेंड

मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तेज गर्मी पड़ती है।

गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवायजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पीयें और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहें। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें।

अप्रैल में लगातार 9 दिन तक बारिश

बता दें कि इस बार अप्रैल में भीषण गर्मी की बजाय आंधी-बारिश और ओले वाला मौसम रहा। 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश में कहीं न कहीं मौसम बदला। इस दौरान ग्वालियर में सबसे ज्यादा बारिश हुई। 15 से ज्यादा जिलों में ओलावृष्टि हुई तो करीब 45 जिलों में पानी गिरा।

एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री तक पहुंचा जबकि जबलपुर में इसने 44 डिग्री सेल्सियस को छू लिया।

ग्वालियर में भी तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है।

भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी

अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है।

20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *