हाइड्रोजन ट्रेन जल्दी ही चलेगी, रेलवे बोर्ड से मिल गई हरी झंडी, यह रूट हुआ फाइनल

नई दिल्ली: हाइड्रोजन ट्रेन की सवारी आप जल्दी ही कर पाएंगे। रेलवे बोर्ड (Railway Board) ने देश की पहली हाइड्रोजन-पावर्ड ट्रेनसेट की शुरुआत को मंजूरी दे दी है। उत्तर रेलवे ने इस ट्रेन का ट्रायल कई चरणों में पहले ही पूरा कर लिया है। उसी ट्रायल के आधार पर अब इसके नियमित परिचालन की अनुमति मिली है।

उत्तर रेलवे को भेजी गई चिट्ठी

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बारे में रेलवे बोर्ड से 22 मई, 2026 को एक चिट्ठी जारी हो चुकी है। इसमें हाइड्रोजन ट्रेन के अप्रूवल की जानकारी दी गई है। रेलवे के रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गनाइजेशन (RDSO) एवं उत्तर रेलवे को भेजे गए इस पत्र में रेलवे बोर्ड ने 10 डिब्बे वाले हाइड्रोजन ट्रेन सेट की शुरुआत के लिए अपनी स्वीकृति दी है। हालांकि इस ट्रेन का कॉमर्शियल ऑपरेशन किस दिन से शुरू होगा, इस तारीख की अभी घोषणा नहीं हुई है।

क्या है चिट्ठी में

रेलवे बोर्ड ने इस चिट्ठी में बताया है कि यह ट्रेन दिल्ली डिवीजन के जिन्द-सोनीपत सेक्शन में चलेगी। इस ट्रेन की स्पीड अधिकतम 75 किलोमीटर प्रति घंटे होगी। इस चिट्ठी में बताया गया है कि रेल सुरक्षा के मुख्य आयुक्त (CCRS) के जरिए मिले आरडीएसओ के दिनांक 16.03.2026 के आवेदन के संदर्भ में रेल मंत्रालय, रेलवे बोर्ड ने स्वीकृति दी है। यह स्वीकृति 10 डिब्बे वाले ट्रेन फॉर्मेशन की है जो कि हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित होगी।

हाइड्रोजन ट्रेन कहां चलेगी

रेलवे बोर्ड की चिट्ठी के मुताबिक यह ट्रेन उत्तर रेलवे के दिल्ली डिवीजन के जिन्द-सोनीपत सेक्शन में चलेगी। इसकी अधिकतम स्पीड 75 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी। उल्लेखनीय है कि उत्तर रेलवे ने इसी रूट पर हाइड्रोजन सेल फ्यूल बेस्ड DPRS 1200 KW DEMU का परीक्षण किया था। यह परीक्षण आरडीएसओ की देखरेख में हुआ था।

जर्मनी, स्वीडन, जापान के समूह में शामिल

भारत में हाइड्रोजन ट्रेन के कॉमर्शियल ऑपरेशन शुरू होने के साथ ही भारत दुनिया के चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो जाएगा। इस समय जर्मनी, स्वीडन, जापान और चीन जैसे देशों में हाइड्रोजन ट्रेन चल रहे हैं।

हाइड्रोजन ट्रेन की क्या विशेषताएं

  • भारत की हाइड्रोजन ट्रेन इस समय दुनिया की सबसे लंबी ट्रेन है जिसमें 10 डिब्बे होंगे।
  • भारत की ट्रेन सबसे ज्यादा पावरफुल (2400 kW) भी है।
  • यहां ही हाड्रोजन ट्रेन बड़ी लाइन यानी Broad Gauge platform पर विकसित किया गया है।
  • इसमें CO2 emissions शून्य होगा।
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