विधायक प्रीतम लोधी की बढ़ी मुश्किलें… IPS को धमकी देने पर BJP ने थमाया नोटिस, दिल्ली से आई फटकार
भोपाल। आइपीएस अधिकारियों के लामबंद होने और केंद्रीय नेतृत्व द्वारा रिपोर्ट मांगे जाने के बाद मध्य प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने शिवपुरी जिले के पिछोर विधानसभा क्षेत्र से विधायक प्रीतम लोधी को नोटिस जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि विगत दिनों आपके द्वारा किया गया आचरण पार्टी के अनुशासन के अनुरूप नहीं है। तीन दिनों के अंदर अपना स्पष्टीकरण दें, अन्यथा आपके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बता दें, प्रीतम लोधी ने प्रशिक्षु आइपीएस और करैरा के एसडीओपी आयुष जाखड़ को खुलेआम धमकी दी थी और आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
बेटे की करतूत और अधिकारी को ‘औकात’ बताने की धमकी
उन्होंने अधिकारी के घर को गोबर से भरने और हजारों समर्थकों के साथ प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी। मामला प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश द्वारा 16 अप्रैल को थार गाड़ी से पांच लोगों को जानबूझकर टक्कर मारने का है। इसमें कुछ लोग घायल हो गए। जब पुलिस ने कार्रवाई शुरू की तो प्रीतम लोधी ने डा. आयुष जाखड़ को सीधे तौर पर धमकी दी। उन्होंने एक वीडियो में कहा, "अपनी औकात में रहो… क्या करैरा तुम्हारे ‘डैडी’ का है?" टक्कर मारने के बाद दिनेश से जब पुलिस ने पूछताछ की तो उसने यह भी कहा था कि "मेरा बाप विधायक है, मर्डर भी निपटा लेगा, तुम लोग घर जाओ।"
विधायक प्रीतम लोधी की प्रतिक्रिया
- भाजपा आलाकमान से नोटिस मिलने को लेकर शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा सीट से विधायक प्रीतम लोधी का कहना है कि विधिवत नोटिस मिलने पर वह अपना पक्ष रखेंगे और जवाब देंगे।
- पार्टी को बताएंगे कि हमने इस मामले में कानून का कितना सहयोग किया है और कानून ने हमारे साथ क्या किया है। यदि हमारे कुछ कहने से किसी को नुकसान हुआ है तो खेद भी व्यक्त करेंगे।
- गलती किसी से भी हो सकती है। पार्टी से कहेंगे कि पुलिस अधिकारी को भी यह हक नहीं बनता कि बेटे का जुलूस निकाले, यह कहे कि राजनीति मत करना, करैरा में मत दिखा।
- पार्टी कमेटी बनाकार सारे मामले की जांच करा ले। यदि पार्टी दोषी मानेगी तो जो कार्रवाई करेगी मंजूर होगी। गलती किसी से भी हो सकती है, माफी मांगने को कहेगी तो वो भी करेंगे।
IPS एसोसिएशन की निंदा और केंद्रीय नेतृत्व का हस्तक्षेप
बता दें, भाजपा का प्रदेश नेतृत्व प्रीतम लोधी के मामले में कार्रवाई करने से हिचक रहा था। इस बीच मंगलवार को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा इस मामले पर रिपोर्ट मांगी गई थी। केंद्र और राज्य के आइपीएस एसोसिएशन ने भी निंदा की थी। प्रीतम लोधी का विवादों और निष्कासन से पुराना नाता रहा है। वे पहले भी भाजपा से निष्कासित किए जा चुके हैं। 19 अगस्त, 2022 को भाजपा ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया था।
विवादों से पुराना नाता और पहले भी हो चुके हैं बर्खास्त
यह कार्रवाई उनके द्वारा ब्राह्मण समाज और महिलाओं के विरुद्ध की गई अमर्यादित टिप्पणियों के कारण हुई थी। शिवपुरी जिले के बदरवास में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ब्राह्मणों पर धर्म के नाम पर लोगों को मूर्ख बनाने और लूटने के गंभीर आरोप लगाए थे। उनके विरुद्ध पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। अब वर्तमान मामले में पार्टी उनके जवाब का इंतजार कर रही है, जिसके बाद आगामी कार्रवाई तय की जाएगी।
