भाजपा की कार्यकारिणी गठन के लिए तैयारी, 40 प्रतिशत नए सदस्य होना अनिवार्य

भोपाल । भाजपा के सभी 62 जिलों के अध्यक्षों की घोषणा होने के बाद अब प्रदेश संगठन ने कार्यकारिणी बनाने के लिए गाइड लाइन जारी की है। गाइड लाइन में स्पष्ट लिखा है कि नए लोगों को मौका देना है, लेकिन अगर पुराने लोगों का कामकाज सही है तो उन्हें फिर से मौका दिया जा सकता है। वहीं जिले की कार्यकारिणी में 4 पद ऐसे हैं, जहां अगर आवश्यक हो तो परिवर्तन किया जाए। वहीं महिलाओं और अजा-अजजा वर्ग को भी संविधान के अनुसार प्रतिनिधित्व देने के निर्देश जारी किए गए हैं। भाजपा के पूरे प्रदेश में 1 करोड़ 60 लाख से अधिक प्राथमिक सदस्य और 94 हजार 362 सक्रिय सदस्य हैं। सदस्यता का अभियान संगठन पर्व के पहले चरण में चलाया गया था। इसके बाद संगठन पर्व का दूसरा चरण शुरू हुआ और 64 हजार 569 बूथ अध्यक्षों सहित 7 लाख 23 हजार 27 सदस्यों की बूथ समितियां बनाई गईं। इसके बाद 1313 मंडलों में से 1101 मंडल अध्यक्ष चुन लिए गए हैं और संगठन की दृष्टि से बनाए गए सभी 62 जिलों में नगर अध्यक्ष भी चुन लिए गए हैं। इसके बाद अब प्रदेश और राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होना है। इसके साथ-साथ भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री भगवानदास सबनानी ने मंडल, जिला और मोर्चा की कार्यकारिणी के गठन को लेकर भी कवायद शुरू करने को कहा है, जिसकी गाइड लाइन जारी कर दी गई है। गाइड लाइन में कहा गया है कि सभी स्तरों पर अनिवार्य रूप से 40 प्रतिशत पदाधिकारी नए नियुक्त करना हैं, यानी 60 प्रतिशत पदाधिकारी पुराने पदाधिकारियों में से लिए जा सकते हैं। वहीं अजा, अजजा और महिलाओं को भी कार्यकारिणी में संविधान में दिए गए प्रतिशत के आधार पर प्रतिनिधित्व देना है। वहीं कार्यकारिणी सदस्य तथा विशेष आमंत्रित सदस्य और प्रवक्ताओं की नियुक्ति में ऐसे कार्यकर्ताओं को नहीं लेना है, जिनकी पार्टी में कोई भूमिका नहीं रही हो और न ही वे किसी गतिविधि में सक्रिय हों। इसके साथ ही मोर्चा की नियुक्ति के लिए भी कवायद की जाए।

इस तरह रहेगी जिले और मंडल की कार्यकारिणी
मंडल समिति में अध्यक्ष के साथ-साथ 6 उपाध्यक्ष, 2 महामंत्री, 6 मंत्री, 1 कोषाध्यक्ष रहेगा। वहीं कार्यकारिणी में 5 महिलाएं अनिवार्य रूप से रखना होंगी और 6 अजा तथा अजजा के सदस्य होंगे। जिला समिति में अध्यक्ष के साथ 8 उपाध्यक्ष होंगे तो हमेशा की तरह 3 महामंत्री होंगे। 8 मंत्रियों के साथ 1 कोषाध्यक्ष का पद भी रहेगा। वहीं 20 लोगों की कार्यकारिणी में 7 महिलाएं और 2 अजा तथा अजजा वर्ग के लोगों को शामिल करना अनिवार्य रहेगा। मोर्चा में भी मंडल अध्यक्ष के साथ 3 उपाध्यक्ष, 2 महामंत्री, 3 मंत्री, 1 कोषाध्यक्ष तो जिला स्तर पर 5 उपाध्यक्ष, 2 महामंत्री, 5 मंत्री और 1 कोषाध्यक्ष रहेगा। वहीं मंडल में 21 तो जिले में 30 कार्यसमिति सदस्य बनाए जा सकेंगे।
4 पद वही रख सकते हैं
संगठन ने इस बार नए दिशा-निर्देश में यह भी कहा है कि कार्यालय मंत्री, कोषाध्यक्ष, आईटी सेल और सोशल मीडिया तथा मीडिया संयोजक का पद निरंतर रखा जा सकता है, अगर वे सक्रिय हों। बहुत आवश्यक हो, तभी इस पद पर परिवर्तन किया जाए।

महिलाओं को खास तवज्जो
महिलाओं को विशेष रूप से प्रत्येक कार्यकारिणी में तवज्जो देने के लिए कहा गया है। जैसे जिले में अध्यक्ष के साथ 90 सदस्य रहेंगे तो उनमें से 30 महिलाएं सदस्य रहेंगी। वहीं अजा और अजजा के 6 लोगों को भी अनिवार्य रूप से लेना होगा। इसी तरह मंडल की समिति में 60 में से 20 महिलाएं सदस्य रहेंगी तो 4 अजा और अजजा के पद रहेंगे।

मोर्चा में ऊपर से चलेगा नियुक्ति का क्रम
भाजपा के 7 मोर्चा हैं, जो मुख्य संगठन से कंधे से कंधा मिलाकर काम करते हैं। हालांकि पिछले कार्यकाल में बहुत ही कम मोर्चा अध्यक्ष रहे, जिनका कार्यकाल सक्रिय रूप से गिना जाएगा। मोर्चा में नियुक्ति का क्रम ऊपर से चलेगा, यानी पहले मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त होगा और उसके बाद उनकी सहमति से जिलाध्यक्ष जिले के अध्यक्ष की नियुक्ति कर सकेंगे। वहीं संगठन के मंडल अध्यक्ष की सहमति से मोर्चा के मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति करेंगे।

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