राहुल का दावा- 12वीं की आंसरशीट मोबाइल से स्कैन करवाईं

नई दिल्ली, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के लिए CBSE के टेंडर प्रोसेस में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। राहुल ने दावा किया कि आंसरशीट को ऑटोमैटिक रोबोटिक स्कैनर के बजाय मोबाइल फोन से स्कैन किया गया था।

राहुल ने CBSE के स्टूडेंट सार्थक सिद्धांत के X पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा- अगस्त में जब टेंडर दोबारा जारी किया गया, तो चुपके से सारी शर्तें हटा दी गईं। रिजॉल्यूशन घटाकर 200 DPI कर दिया गया।

धुंधली कॉपियां, गायब पन्ने, और जो कॉपियां स्कैन ही नहीं हुईं, ये सब गलतियां नहीं हैं। ये उस कॉन्ट्रैक्ट का ही नतीजा हैं, जिसे जानबूझकर किसी खास वेंडर को फायदा पहुंचाने के लिए तैयार किया गया था।

CBSE के OSM सिस्टम और टेंडर प्रोसेस पर राहुल के बयान

  • यह एक धोखा है। और हर वह बच्चा, जिसके अंकों का गलत मूल्यांकन हुआ है, वह इस धोखे का शिकार है।
  • धर्मेंद्र प्रधान अभी भी अपने पद पर बने हुए हैं। मोदी जी की यह चुप्पी अब सिर्फ उनकी उदासीनता नहीं रही। यह इस अपराध में उनकी मिलीभगत को दर्शाती है।
  • जब शिक्षा को सेवा नहीं, कारोबार बना दिया जाए तब गलती सुधारी नहीं जाती। बढ़ाई जाती है और इसकी सबसे बड़ी कीमत हमारे बच्चे चुका रहे हैं। अपने समय, आत्मविश्वास और भविष्य से।
  • स्टूडेंट सिद्धांत कुमार के सवाल…

    स्टूडेंट सिद्धांत कुमार ने कथित तौर पर स्कैन की गई कॉपियों के फोटो शेयर किए हैं। उन्होंने लिखा है- CBSE, आपने कहा था कि इन कॉपियों को स्कैन करने के लिए आपने स्कैनर्स का इस्तेमाल किया था। अब, जबकि ये कॉपियां आम लोगों के देखने के लिए उपलब्ध हैं, तो क्या आप यह बताने की कृपा करेंगे कि स्कैनर से स्कैन किए जाने पर किन कॉपियों में ‘ड्रॉप शैडो’ आता है। और ये तीन मोड़ (फोल्ड) कैसे आए।

    राहुल ने रीवैल की फीस पर भी सवाल उठाए

    राहुल ने CBSE की आंसरशीट जांच और रीइवैल्यूएशन की फीस को लेकर केंद्र सरकार और बोर्ड पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने X पोस्ट पर लिखा-

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    जेबकतरों से सावधान – आज वो CBSE के अंदर बैठे हैं। CBSE की गलती से नंबर गलत आए तो आपको क्या मिलता है।एक बिल,अपनी ही की सही जांच आंसरशीट के लिए एक बच्चे को ₹2000 तक भरने पड़ सकते हैं।सोचिए, जब 4 लाख बच्चों ने ऐसे आवेदन डालें हैं तो CBSE कितनी कमाई कर रहा है।जब स्कैनिंग फोन से हुई हो, ग़लत मार्किंग तय है। और उसे ठीक करवाने की कीमत बच्चा भर रहा है।गलती CBSE की। सजा बच्चे की। कमाई सरकार की।

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