अमेरिका में मंदी के संकेत, ट्रंप के टैरिफ का असर सैलून और ब्यूटी इंडस्ट्री पर साफ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ लागू करने के बाद पूरे विश्व में भूचाल आ गया है. दुनिया भर में इसके नकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहे हैं. इससे अमेरिका भी अछूता नहीं रहा है, ट्रंप का टैरिफ कार्ड उनके देशवासियों पर भी भारी पड़ रहा है. ज्यादतर अमेरिकी मानते हैं कि उनके देश में मंदी आ सकती है. इसका संकेत हेयर ड्रेसर्स और ब्यूटी एक्सपर्ट्स के सैलून में मिलने लगा है.

हेयरड्रेसर और ब्यूटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि ग्राहक यहां सस्ती सेवाएं पसंद कर रहे हैं और अपॉइंटमेंट के बीच का समय बढ़ा रहे हैं. न्यूयॉर्क के वेस्टसाइड में हाल ही में 32 हजार से ज्यादा स्पा टेक्नीशियंस, हेयरस्टाइलिस्ट, क्रिस्टल और मेकअप आर्टिस्ट एक ट्रड शो में हिस्सा लेने आए, जहां सभी का मानना कि अमेरिकी कस्टमर अपने गैर जरूरी खर्च में कटौती कर रहे हैं. ये सभी संकेत आने वाली मंदी की तरफ इशारा कर रहे हैं.

2008 की मंदी जैसे हालात?
1999 से अभी तक अमेरिका में तीन बार आर्थिक मंदी आ चुकी है. मसाज थेरेपिस्ट क्रिस्टी पॉवर्स कहती हैं, ये 2008 जैसा ही लग रहा है, पॉवर्स ने बताया कि उनके ज्यादातर ग्राहक नौकर पैशा हैं और वे उन्हें बता रहे हैं कि वे तनाव में है. बहुत सारे लोग पैसे बचाने के लिए उनकी सेवाएं लेना पूरी तरह से बंद कर रहे हैं.

मैनहून से लेकर न्यू हेम्पशायर के ग्रामीण इलाकों तक के स्टाइलिस्ट देख रहे है कि उनके नियमित ग्राहक अब हेयर कैंटर पर खर्च घटा रहे है. टैरिफ की धमकी से पहले ही, कुछ ग्राहक महंगाई की वजह से खर्च घटा रहे थे. लेकिन टैरिफ के बाद येसंख्या बढ़ गई है.

क्या कहते हैं जानकारी?
दुनियाभर के कई अर्थशास्त्री ब्यूटी झेलून और कॉस्मेटिक पर खर्च घटने या सस्ती चीजों की बिक्री बढाने को मंदी की शुरुआत का संकेत मानते हैं. यानी लोगों के खर्च करने की क्षमता काम हो रही है. हालांकि ये मंदी की शुरुआत है या नहीं, इसका पता महीनों बाद ही लग पाएगा.

ब्यूटी इंडस्ट्री भी हुई डाउन
ब्यूटी इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाले हे प्रोडक्ट्स लोशन, क्रीम और जेल दुनिया भर से आते हैं, साथ ही कुछ केमिकल और पैकेजिंग मटेरियल सिर्फ चीन में ही उपलब्ध हैं. ट्रंप ने चीन से आयात होने वाले सामान पर 145 फीसद टैरिफ लगाया है. जिससे महंगाई आसमान छू रही है.

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