रामलला के दर्शन करने टीम मोहन रवाना, सीएम बोले- महाकाल के भक्त चले अयोध्या

भोपाल  ।   मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ अयोध्या जा रहे हैं। मंत्रियों के साथ उनके परिवार भी रहेंगे। डॉ. यादव की इस यात्रा के जरिये भाजपा यूपी-बिहार के यादवों को राम नाम का संदेश देना चाहती है।

टीम मोहन अयोध्या रवाना

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मंत्रिमंडल के सदस्य अपने परिजनों के साथ विशेष विमान से अयोध्या के लिए रवाना हुए। इससे पहले डॉ. यादव ने अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों के साथ भोपाल एयरपोर्ट पर एक समूह फोटो खिंचवाया।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने मंत्रियों के साथ एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि महाकाल के भक्त अयोध्या जी चले। साथ ही जयकारा लगाते हुए वीडियो भी पोस्ट किया। 

राजा भोज एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत

मंत्रियों का भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर सोमवार को भव्य स्वागत किया गया। सिर पर गेरुआ पगड़ी, गले में अंग-वस्त्र और पुष्प माला और माथे पर तिलक लिए प्रदेश की मोहन कैबिनेट के सदस्य अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। प्रदेश मंत्रिमंडल के सभी सदस्य उत्साह और धार्मिक जोश के साथ इस यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने सभी साथियों के साथ विशेष बस से एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए। उत्साह और उमंग से भरे ये मंत्री भजन और गीत गाते हुए राजा भोज एयरपोर्ट पहुंचे। कैबिनेट के स्वागत के लिए खास स्वागत द्वार तैयार किए गए थे। यहां सभी मंत्रियों को पगड़ी, अंग वस्त्र, पुष्प माला और माथे पर तिलक लगाकर एयरपोर्ट परिसर में प्रवेश दिया गया। यादव ने यात्रा पर रवाना होने से पहले कहा कि कोशिश की जा रही है कि अयोध्या धाम में मप्र भवन का निर्माण कराया जाए। इसके लिए उचित जगह की तलाश की जा रही है। डॉ यादव ने कहा कि मप्र सरकार अयोध्या में सरयू नदी के तट पर विक्रमादित्य घाट का निर्माण भी कराएगी।

डॉ. यादव बोले- देवस्थानों की शक्ल सूरत बदलेगी

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कैबिनेट की बैठक से पहले संबोधन में कहा कि मंत्रिपरिषद के सदस्यों का भगवान श्री राम के दर्शन के लिए शासकीय रूप से अयोध्या जाना ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने इस शुभ घड़ी के लिए सभी को बधाई दी और कहा कि यह यात्रा भगवान श्री राम के प्रति आदर का प्रकटीकरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या की इस यात्रा के बाद देवस्थानों के संबंध में लिए गए निर्णय और संकल्पों के क्रियान्वयन में  राज्य सरकार तेजी से आगे बढ़ेगी। मंत्रिपरिषद की आगामी बैठक में मंत्रिमंडलीय उप-समिति बनाकर धर्मस्व, राजस्व और संस्कृति विभाग को आपस में जोड़ा जाएगा। जिस तरह कृषि उत्पादन आयुक्त के अंतर्गत कृषि सहकारिता, उद्यान आदि कुछ विभाग होते हैं वैसे ही एक वरिष्ठ अधिकारी इन विभागों के प्रभारी होंगे। ग्रामीण क्षेत्र में स्थित देवस्थानों के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा नगरीय क्षेत्र में स्थित देवस्थानों के लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग भी इसमें शामिल रहेंगे। सभी विभाग परस्पर तालमेल और समन्वय से देवस्थानों के विकास के लिए कार्ययोजना बनाकर उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे। राज्य शासन का उद्देश्य यह है कि मंदिर देवस्थान के साथ-साथ सामाजिक चेतना और समरसता का भी केंद्र बनें और मंदिरों में सामूहिक विवाह जैसे सामाजिक कार्य संपन्न हो। अयोध्या धाम सहित प्रदेश के अंदर और प्रदेश के बाहर स्थित प्रमुख देवस्थान में राज्य सरकार द्वारा धर्मशालाएं विकसित करने की दिशा में पहल की जाएगी। अन्य राज्य सरकारों को मध्य प्रदेश स्थित देवालयों में अपने राज्य की धर्मशालाएं विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ यादव के इस प्रस्ताव का मंत्री परिषद के सदस्यों ने मेजें थपथपाकर स्वागत किया।

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