वर्ष 2028-29 का चुनाव महिला केंद्रित होना तय, भाजपा घर- घर जाकर कांग्रेस का ‘नारी विरोधी’ चेहरा करेगी उजागर
भोपाल। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े संशोधन विधेयकों के विरुद्ध मतदान कर न केवल महिला सशक्तीकरण की राह में बाधा डाली है बल्कि विपक्ष के इस कदम से यह तय हो गया कि वर्ष 2029 में होने वाला लोकसभा चुनाव बिना महिला आरक्षण के होगा। साथ ही यह महिला केंद्रित रहेगा।
इस मुद्दे पर कांग्रेस के रुख को नारी विरोधी बताते हुए भाजपा मध्य प्रदेश में घर-घर जाकर महिलाओं में कांग्रेस का नारी विरोधी चेहरा उजागर करेगी। भाजपा ने विपक्ष को इस मुद्दे पर एक्सपोज कर दिया है। मोदी सरकार ने दक्षिणी राज्यों को भी नुकसान न होने का भरोसा दिला दिया था।
जिन नेताओं को अपनी सीट जाने का भय था, उन्हें भी सुरक्षा का अहसास करवा दिया था। इसके बाद भी कांग्रेस ने संसद में संशोधन विधेयकों को पारित होने नहीं दिया। अब भाजपा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संसद में दिए वक्तव्य को रोडमैप मानकर महिलाओं को सुनाएगी। पार्टी की तैयारी यह है कि वर्ष 2028 में प्रस्तावित मप्र विधानसभा और वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव को महिला केंद्रित कर दिया जाए।
मध्य प्रदेश की राजनीति में महिला मतदाता एक निर्णायक भूमिका में रही हैं। वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव में जब कांग्रेस की सरकार थी, तब दिग्विजय सिंह को हराया था, उस चुनाव में भी भी महिलाओं ने बढ़- चढ़कर हिस्सा लिया था। तब भाजपा ने दिग्विजय सिंह के 10 साल के शासन के खिलाफ उमा भारती को आगे किया था।
इसके बाद वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में लाड़ली बेटी, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, जननी सुरक्षा जैसी महिला कल्याण की योजनाओं ने मध्य प्रदेश में सरकार की वापसी कराई।
इन योजनाओं ने बेटियों के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण को भी बदला। 2008 की सफलता ने भाजपा को यह आत्मविश्वास दिया कि महिला मतदाताओं को सशक्त करके सत्ता की निरंतरता बनाई रखी जा सकती है।
वर्ष 2013 के चुनाव में महिलाओं के बीच मोदी की लोकप्रियता का मुद्दा चुनावी जीत का आधार बना। 2008 और 2013 के चुनाव के मतदान में भी अंतर आया।
महिलाओं के मतदान प्रतिशत में भारी वृद्धि देखी गई, जो पुरुषों के लगभग बराबर (सिर्फ 0.8 प्रतिशत का अंतर) पहुंच गया था। वर्ष 2018 में भाजपा हारी, लेकिन उसका कारण एक नारा राहुल गांधी का कहना साफ, हर किसान का कर्जा माफ और सत्ता विरोधी रुझान रहे।
वर्ष 2023 के चुनाव भी भाजपा ने लाड़ली बहना जैसी योजना के नाम पर जीता। यही वजह है कि भाजपा मप्र सहित देश में कांग्रेस को महिला विरोधी साबित करने के लिए अभियान चला रही है।
भाजपा जनता के सामने यह स्पष्ट करेगी कि 2029 के चुनाव में हम महिला आरक्षण देना चाहते थे, इसे लागू न कर पाने के दोषी हम नहीं कांग्रेस है।
मध्य प्रदेश सहित देशभर में भाजपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर महिलाओं को यह बताएंगे कि कांग्रेस का रुख महिलाओं के अधिकारों के प्रति नकारात्मक रहा है। पार्टी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा संसद में दिए गए भाषण को अपना मुख्य आधार बनाएगी।
इस भाषण के जरिए महिलाओं को समझाया जाएगा कि कैसे सरकार ने दक्षिणी राज्यों के हितों और मौजूदा सांसदों की चिंताओं का ध्यान रखा था, फिर भी विपक्ष ने विधेयक को बाधित किया। भाजपा का लक्ष्य 2029 के चुनावों के लिए महिला वोट बैंक को पूरी तरह से अपने पक्ष में लामबंद करना है।
