बिहार में कैबिनेट रेस! दिल्ली वाली लिस्ट पर नीतीश का भी अप्रूवल, कई पुराने चेहरों का कटेगा पत्ता

पटना: दिल्ली से ग्रीन सिग्नल लेकर लौटे बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आने वाले एक सप्ताह के भीतर अपने मंत्रिपरिषद का विस्तार कर देंगे। जाहिर है जातीय और क्षेत्रीय संतुष्टिकरण पर डिस्कशन के बाद जो भी स्वरूप बना होगा, उसको लेकर बिहार की सियासी राजनीत चरम पर है। तो कैसा होगा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का मंत्रिपरिषद? कौन बनेगा उनके विश्वसनीय सूची का हकदार, जानते हैं।

तुष्टिकरण की राह पर भाजपा

ये सच है कि मंत्रियों की सूची तैयार करना सीएम के लिए आसान काम नहीं है। मगर, एक हद तक जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश दिखेगी। मिली जानकारी के अनुसार दलित, पिछड़ा, सवर्ण और अतिपिछड़ा नेताओं के बीच एक सामंजस्य बनाया जाएगा। साथ ही क्षेत्रीय नजरिए यानी मगध, शाहाबाद, अंगिका, बज्जिका, मिथिला, सीमांचल क्षेत्रों के बीच में संतुलन कायम करते हुए मंत्रियों की फाइनल सूची बन सकती है।

कैबिनेट विस्तार में भाजपा और जेडीयू के नए चेहरों को जगह मिलना तय है, जिससे कई पुराने मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 24 अप्रैल को बहुमत साबित करेंगे। हालांकि, पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव और संगठन के जातीय संतुलन के कारण, मंत्रिमंडल विस्तार अब चुनाव परिणामों के बाद मई की शुरुआत में होने की पूरी संभावना है।

जिन क्षेत्रों पर विशेष नजर रहेगी!

बीजेपी के रणनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि ऐसे क्षेत्र जिसने बीजेपी को जीरो से हीरो बना दिया है, उन क्षेत्रों पर सम्राट चौधरी की विशेष नजर रहेगी। इन क्षेत्रों में भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद और नवादा शामिल है। वर्ष 2020 में भोजपुर से कुल दो विधायक थे लेकिन 2025 में, 7 में से 7 विधायकों ने जीत का परचम लहराया

बक्सर से वर्ष 2020 में एक भी विधायक नहीं जीते थे लेकिन 2025 में चार में से तीन विधानसभा सीट पर जीत मिलीं। कैमूर में भी वर्ष 2020 के चुनाव में एक भी सीट नहीं मिली थी। मगर, वर्ष 2025 में चारों विधानसभा सीटों पर जीत मिली। रोहतास में वर्ष 2020 में एक भी सीट नहीं मिली थी, मगर 2025 में सातों सीटों पर जीत हासिल हुई। इसी तरह से अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद में एन डी ए जीरो से हीरो बना, इन खास क्षेत्रों से भी मंत्री बनाए जा सकते हैं।

बिहार में मंत्रिमंडल लिस्ट फाइनल?

दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री मोदी सहित बड़े नेताओं से मुलाकात की। मुख्य चर्चा भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रभारी विनोद तावड़े के साथ हुई। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी और अमित शाह ने इस बार नए मंत्रियों के चयन की जिम्मेदारी नितिन नवीन को सौंपी है। सम्राट चौधरी के साथ हुई इस लंबी बैठक में बिहार मंत्रिमंडल विस्तार और नए चेहरों की सूची को अंतिम रूप दिया गया।

सूचना है किबिहार मंत्रिमंडल विस्तार का फॉर्मूला तय हो चुका है। दिल्ली से लौटते ही सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर नए मंत्रियों के नामों पर चर्चा की। इससे पहले उन्होंने जेडीयू नेता ललन सिंह के साथ भी विस्तृत बैठक की थी। पिछली सरकार के संतुलन को बरकरार रखते हुए भाजपा, जेडीयू, लोजपा-आर, हम और रालोमो के बीच पदों का बंटवारा लगभग तय है, हालांकि इस बार कई पुराने नामों की जगह नए चेहरों को मौका मिलना निश्चित माना जा रहा है।

पुराने और नए से सजेगा मंत्रिपरिषद

बीजेपी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अधिकांश मंत्रियों के चेहरे वर्ष 2025 पार्ट वन वाले होंगे। ऐसा इसलिए कि इन मंत्रियों को परफॉर्म करने का उचित समय नहीं मिला है। फिर भी सीएम सम्राट चौधरी के मंत्रिपरिषद की सूची में कुछ चौंकाने वाले नाम हो सकते हैं।

इन नामों में संजीव चौरसिया, रजनीश कुमार, रत्नेश कुशवाहा, राजेंद्र गुप्ता, मनोज शर्मा, मिथिलेश तिवारी के नाम हो सकते हैं। विजय कुमार सिन्हा, मंगल पाण्डेय, दिलीप जायसवाल को महत्वपूर्ण विभाग मिल सकता है। महिलाओं में संगीता कुमारी या अनामिका पटेल भी चौंका सकती हैं।

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