नक्सल पीड़ितों के पुनर्वास, नशे पर नियंत्रण और सड़क सुरक्षा को लेकर कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

दंतेवाड़ा। जिला कार्यालय में कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव की अध्यक्षता में राहत एवं पुनर्वास, सड़क सुरक्षा तथा नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) से संबंधित महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में नक्सल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और नशे के खिलाफ कार्रवाई जैसे विषयों पर विस्तार से समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने नक्सल पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता, रोजगार प्रशिक्षण तथा अन्य सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने अनुकंपा नियुक्ति, छात्रवृत्ति, आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रोत्साहन राशि, प्रशिक्षण अवधि के मानदेय और स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही पीड़ित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के डिजिटल डाटाबेस को अद्यतन रखने पर भी बल दिया।

बैठक में एनसीओआरडी के तहत नशा मुक्ति अभियान, मादक पदार्थों की तस्करी पर नियंत्रण और जब्त वाहनों की नीलामी प्रक्रिया की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने नशीली दवाओं और ड्रग्स के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने, जब्त मादक पदार्थों का समय पर विनष्टीकरण करने तथा जिला अस्पताल में 10 बिस्तरों वाला ड्रग डी-एडिक्शन ट्रीटमेंट सेंटर संचालित करने के निर्देश दिए। मेडिकल स्टोरों के निरीक्षण और नशीली दवाओं की बिक्री पर निगरानी बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में गीदम सहित प्रमुख मार्गों पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए आवारा पशुओं के नियंत्रण, अतिक्रमण हटाने और सुरक्षित फुटपाथ निर्माण पर जोर दिया गया। शिक्षा विभाग को स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाने तथा नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर रोक सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

बैठक में गौरव राय, जयंत नाहटा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित योजनाओं और अभियानों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया।

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