जितने में तंबाकू की पुड़िया नहीं मिलती, उतने में चादर धुलवाता है रेलवे

नई दिल्ली: भारतीय रेल (Indian Railways) के मेल एक्सप्रेस ट्रेन (Mail Express Train) के एसी डिब्बे में आपने कभी सफर किया है? यदि आपने सफर किया होगा तो आपको रेलवे की तरफ से एक बेड रोल (Bed Roll) किट मिला होगा। इसमें चादर, तौलिया और तकिया का कवर होता है। आपको पता है कि रेलवे इस बेड कवर को कितने रुपये में धुलवाता है?

तीन रुपये में चादर की धुलाई?

रेलवे के एक ऑफिशियल डिपार्टमेंटल लाउंड्री टेंडर डॉक्यूमेंट को देखें तो इस बेड रोल के एक चादर की धुलाई की कीमत महज 3.16 रुपये का उल्लेख है। लेकिन आप यदि किसी ड्राई क्लीनर के यहां अपना चादर धुलवाने जाएं तो आपसे इस रकम से बहुत ज्यादा राशि वसूली जाती है। इसलिए यह लोगों में कौतूहल का विषय बना हुआ है।

बेड रोल में क्या होता है

  • एसी कोच में यदि आप अपना बर्थ बुक कराते हैं तो सफर के दौरान आपको एक पैकेट में बेड रोल मिलता है।
  • इसके लिए अलग से कोई शुल्क नहीं वसूला जाता है।
  • इस बेड रोल में दो चादरें, एक हैंड टॉवेल और तकिया का एक कवर होता है।
  • बेड रोल के एक चादर का उपयोग बर्थ पर बिछाने में और एक चादर का उपयोग कंबल के नीचे कवर के रूप में किया जाता है।
  • हैंड टॉवेल हाथ पोंछने में काम आता है तो तकिये का कवर तकिये पर लगाने के लिए होता है।

यात्री उत्सुक रहते हैं

कई यात्री अक्सर यह जानने को उत्सुक रहते हैं कि रेलवे नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाले हजारों बेड रोल को धुलवाने में कितना खर्च आता है। रेलवे के टेंडर दस्तावेज को देखें तो एक चादर को धोने की लागत अपेक्षाकृत कम रहती है। इसने इस बात पर चर्चा को जन्म दिया है कि भारतीय रेलवे बड़े पैमाने पर लॉन्ड्री संचालन को कैसे प्रबंधित करता है और लागत को नियंत्रण में रखता है।

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