18 महीने में तैयार होंगे ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन के रिंग रोड, भोपाल का पश्चिमी बायपास भी पकड़ेगा रफ्तार

भोपाल। भोपाल पश्चिमी बायपास का काम (लंबाई 35.6 किमी) आगामी ढाई वर्ष में पूरा हो जाएगा। जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन का रिंग रोड आगामी डेढ़ वर्ष में बनकर तैयार होगा। प्रदेश के अन्य मध्यम और छोटे शहरों जैसे रतलाम, देवास, सागर, सतना, रीवा और कटनी, जहां यातायात का दबाव बढ़ रहा है, वहां नए रिंग रोड बनाने की पहल की गई है। अन्य एजेंसियों से समन्वय कर विद्यमान बायपास को रिंग रोड में परिवर्तित करने की योजना पर कार्य हो रहा है।

मोहन यादव ने दी जानकारी

यह जानकारी लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने गुरुवार को समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को दी। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के बड़े नगरों में बनाए जा रहे रिंग रोड के निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए।

सिंहस्थ 2028 से पहले पूरे होंगे काम

सीएम ने कहा कि भविष्य में जबलपुर और ग्वालियर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र भी अधोसंरचना विकास के प्रयासों से लाभान्वित होंगे। सिंहस्थ 2028 के कुछ माह पूर्व ही सड़कों के निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएं। बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

इन चीजों पर दिया गया जोर

बैठक में मंत्री ने बताया कि जीआईएस आधारित प्लानिंग और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया अपनाने तथा नए मार्गों के लिए नेटवर्क प्लानिंग और अलाइनमेंट परीक्षण के कार्य मुख्य अभियंता स्तर से अनिवार्य किए जाने से अच्छे परिणाम मिले हैं। अधिकारियों ने बताया कि सड़कों पर 481 दुर्घटना संभावित क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं।

मप्र को मिल्क कैपिटल बनाएं

पशुपालन विभाग की गतिविधियों की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने कहा कि मप्र को मिल्क कैपिटल बनाने के प्रयास फलीभूत होने लगे हैं। प्रदेश में प्रतिदिन 9.67 लाख किलोग्राम औसत दुग्ध संकलन की उपलब्धि दर्ज हुई है। यह गत वर्ष से 11 प्रतिशत अधिक है।

मप्र दुग्ध उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर है। हमारा लक्ष्य प्रथम स्थान पर आने का है। प्रदेश में 1752 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया गया है। बैठक में पशुपालन और डेयरी विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल भी उपस्थित थे।

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