आगामी वित्त वर्ष में देश की जीडीपी ग्रोथ में हो सकती है बढ़त 

आज भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने एमपीसी बैठक का फैसला सुनाया है। इस फैसले में उन्होंने बताया कि इस बार भी समिति ने रेपो रेट को स्थिर रखने का फैसला किया है।आखिरी बार फरवरी 2023 को रेपो रेट में बदलाव किया गया था। फरवरी 2023 में रेपो रेट को 6.25 फीसदी से घटाकर 6.5 फीसदी किया गया था।बता दें कि हर 2 महीने में आरबीआई की एमपीसी मीटिंग होती है। इस मीटिंग में रेपो रेट के अलावा कई और अहम फैसले लिये जाते हैं। एमपीसी मीटिंदग के फैसलों के साथ आरबीआई गवर्नर ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 7 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान है। वहीं, चालू वित्त वर्ष के लिए अनुमानित 7.3 प्रतिशत के विस्तार से कम है।

इसके अलावा द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि ग्रामीण मांग में तेजी जारी है, शहरी खपत मजबूत बनी हुई है और पूंजीगत व्यय में वृद्धि के कारण निवेश चक्र में तेजी आ रही है। वह कहते हैं कि निजी निवेश में सुधार के संकेत दिख रहे हैं।आगामी कारोबारी साल 2024-25 के लिए वास्तविक जीडीपी 7 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। आगामी वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी कि अप्रैल-जून में जीडीपी ग्रोथ 7.2 प्रतिशत और जुलाई-सितंबर में जीडीपी ग्रोथ 6.8 प्रतिशत होगी।इसके अलावा दिसंबर और मार्च तिमाही में विकास दर क्रमश: 7 फीसदी और 6.9 फीसदी रहने का अनुमान है।दास ने कहा कि घरेलू आर्थिक गतिविधि मजबूत बनी हुई है और एनएसओ के अनुमान के अनुसार चालू वित्त वर्ष में वृद्धि 7.3 प्रतिशत है। इसके अलावा 2023-24 की आर्थिक गति 2024-25 वित्तीय वर्ष में भी जारी रहने की उम्मीद है।

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