गौशाला स्थापना नीति के तहत गोवंश पालन के लिए मिलेगी मुफ्त जमीन, सरकार खुद देगी पैसा
भोपाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 अप्रैल और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 13 अप्रेल को मध्यप्रदेश दौरे से पहले मोहन सरकार ने स्वावलंबी गोशाला स्थापना नीति-2025 को कैबिनेट बैठक(MP Cabinet Meeting) में मंगलवार को मंजूरी दे दी। इसके जरिए सरकार प्रदेश में 8 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश की देखरेख पर नए सिरे से काम कर सकेगी। सड़कों पर घूमने, दुर्घटनाओं की वजह बनने और लोगों को हो रहे नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि नीति के तहत सार्वजनिक निजी भागीदारी से गोशालाओं की तर्ज पर गोवंश विहार खोले जाएंगे। एक रुपए की दर पर निजी निवेशकों को जमीन दी जाएगी। जमीनें पंचायतों में मिलेंगी। सरकार अनुदान देगी। बिजली कम दर पर मिलेगी। यहां रखी जाने वाली निराश्रित गायों पर प्रतिदिन प्रति गाय के हिसाब से 40 रुपए दिए जाएंगे। अब तक 20 रुपए मिलते थे। बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की जयंती के पूर्व मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना का नाम डॉ. आंबेडकर के नाम पर रखने का निर्णय लिया।
606 करोड़ रुपए होंगे खर्च
सितंबर 2019 से सरकार प्रति गाय प्रति दिवस 20 रुपए दे रही है। अब एक अप्रेल से 40 रुपए मिलेंगे। एक अनुमान के तहत प्रदेश में 1.87 करोड़ गोवंश है। इनमें से 8.539 लाख निराश्रित हैं। इन्हें 2190 गोशालाओं में रखा जा रहा है। प्रत्येक पर प्रतिदिन 70 से 80 रुपए का खर्च आ रहा है। 40 रुपए के मान से 2025-26 में 606 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। 20 वर्ष के लिए जमीनें दी जाएंगी, एजेंसी गोसंवर्धन बोर्ड होगा। नस्ल सुधार कार्यक्रम होंगे। जैविक खाद 8 दिन में तैयार होगी। डॉ. आंबेडकर पशुपालन विकास योजना के तहत विभिन्न गतिविधियों के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसान को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे।
दिल्ली जाएंगे मंत्री
सीएम ने कैबिनेट बैठक से पूर्व मंत्रियों को संबोधित किया। इसमें डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती महू में भव्य रूप से मनाने पर चर्चा हुई। इससे पहले दिल्ली स्थित लाल किला प्रांगण में 12 से 14 अप्रेल के बीच आयोजित सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य मंचन में सभी मंत्रियों के मौजूद रहने पर चर्चा की गई।
ये भी निर्णय
शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए एडसिल (इंडिया) लिमिटेड से एमओयू का निर्णय। यह शिक्षा मंत्रालय से संबद्ध संस्था एडसिल (इंडिया) लिमिटेड (भारत सरकार की मिनी रत्न श्रेणी-1) सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एन्टरप्राइजेज (सीपीएसई) है। समग्र शिक्षा अभियान तहत गुणवत्ता सुधार, एलईपी (कक्षा VI- XII) के तहत स्वीकृत गतिविधियां चलेंगी। सीखने में वृद्धि कार्यशालाएं, सीखने के परिणाम आधारित मूल्यांकन, राज्य के बाहर वैज्ञानिक एक्सपोजर विजिट, परिणाम शिक्षण रणनीतियों में सुधार आदि शामिल हैं।
2. मंदसौर में 2932 करोड़ 30 लाख की मल्हारगढ़ (शिवना) दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को मंजूरी। 60 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होगी, 147 गांवों को पीने व सिंचाई के लिए पानी मिलेगा।
3. बिजली कंपनियों को हर साल 12 हजार करोड़ का कर्ज लेने 2029 तक बैंक गारंटी को अनुमति प्रदान की गई।
