मध्य प्रदेश में एक झटके में खत्म हुए 1.20 लाख पद, भविष्य में इन पर अब कभी नहीं होगी भर्ती
मध्य प्रदेश सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने सरकारी खजाने पर बढ़ते वित्तीय बोझ को कम करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में अब 1,20,710 पदों को ‘डाइंग कैडर’ (समाप्त) घोषित कर दिया गया है, जिसका अर्थ है कि भविष्य में इन पदों पर कोई नई भर्ती नहीं की जाएगी।
किन पदों पर गिरी गाज?
सरकार ने मुख्य रूप से तीन श्रेणियों के पदों को समाप्त किया है। इनमें कार्यभारित के 16,810 पद समाप्त किए हैं। कार्यभारित में सड़क, सिंचाई और भवन निर्माण जैसी परियोजनाओं के लिए सृजित पद शामिल किए जाते हैं। इसके अलावा आकस्मिकता निधि के 55,808 पद खत्म किए हैं। इनका वेतन नियमित बजट के बजाय अस्थाई निधि से दिया जाता है। सामान्य प्रशासन विभाग ने संविदा/कोटवार के 34,497 पद समाप्त किए हैं, जो निश्चित समय के अनुबंध पर आधारित थे।
सरकारी खजाने पर आर्थिक भार कम होगा
शासन का तर्क है कि अब अधिकांश निर्माण कार्य टेंडर और आउटसोर्सिंग पर आधारित हो गए हैं, जिससे पुरानी कार्यभारित व्यवस्था अप्रासंगिक हो गई है। इस कटौती से सरकारी खजाने पर अनावश्यक आर्थिक भार कम होगा। आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि इन पदों पर अब कोई नियम विरुद्ध नियुक्ति होती है, तो संबंधित कलेक्टर, कमिश्नर या विभागाध्यक्ष सीधे जिम्मेदार होंगे।
वर्तमान कर्मचारियों को राहत
पदों को समाप्त किए जाने के बावजूद, वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों की सेवाएं सुरक्षित रहेंगी। यदि सेवाकाल के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होती है, तो उनके आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ पूर्ववत मिलता रहेगा।
