क्रूड ऑयल महंगा हुआ, जयशंकर बोले- सरकार की स्थिति पर नजर, सप्लाई चेन कंट्रोल में

नई दिल्ली: ईरान-इजरायल युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट में तनाव पैदा हो गया है। इसका असर भारत में भी दिखाई दिया है। खाड़ी देशों से आने वाले तेल की सप्लाई कम हुई है। साथ ही कीमतों में भी तेजी आई है। आज सोमवार को कच्चा तेल 110 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया। इस बारे में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को राज्यसभा में सरकार का पक्ष रखा।उन्होंने कहा कि भारत सरकार कच्चे तेल की आपूर्ति और क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति काफी खराब हुई है। ऐसे में सरकार घटनाक्रम पर लगातार नजर रख रही है। वहीं सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। इसी वजह से क्रूड ऑयल की स्थिति पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ सप्लाई प्रभावित हुई है, लेकिन इस पर कंट्रोल है।

कच्चे तेल की कीमतें आसमान पर

सोमवार को कच्चे तेल की कीमत प्रति बैरल पहले 100 डॉलर और फिर 110 डॉलर के पार पहुंच गई। ब्रेंट क्रूड ऑयल एक समय 119.50 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। यानी इसमें 25 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई थी। वहीं अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल भी इसी तेजी के साथ 119.48 डॉलर प्रति बैरल पर था। हालांकि बाद में इसमें कुछ गिरावट देखी गई।

मिडिल ईस्ट में छाया संकट

ईरान-इजरायल युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट में संकट छाया हुआ है। खाड़ी देशों से तेल की सप्लाई कम हुई है। इसका कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल के जहाजों का आवागमन प्रभावित होना है। भारत के कच्चे तेल के कुल आयात का करीब आधा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में भारत में तेल का संकट गहरा सकता है। हालांकि अब रूस से तेल की सप्लाई बढ़ गई है। वहीं भारत दूसरे विकल्प भी तलाश रहा है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *