भ्रूण लेकर MP हाईकोर्ट पहुंचा युवक बोला- 200 करोड़ के फर्जीवाड़े की शिकायत पर हो रहीं संदिग्ध घटनाएं और हमले
जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ के समक्ष सोमवार को शिशु का भ्रूण लेकर पहुंचा रीवा निवासी दयाशंकर पांडे फिलहाल पुलिस की हिरासत में है। उसने पूछताछ में आरोप लगाया है कि 200 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े की शिकायत के बाद से उसके साथ एक के बाद एक संदिग्ध घटनाएं व हमले हो रहे हैं।
दयाशंकर का आरोप है कि वह पूर्व में जबलपुर की आटोमोबाइल कंपनी शुभ मोटर्स में एकाउंटेंट के पद पर कार्यरत था। कंपनी ने करीब 200 करोड़ रुपये की पूंजी फर्जी तरीके से दिखाई। बड़े स्तर पर दस्तावेजों पर हेराफेरी की गई। इस कथित फर्जीवाड़े की शिकायत के बाद से उसका परिवार निशाने पर आ गया और लगातार हमले व संदिग्ध घटनाएं होने लगीं। एक मार्च 2026 को एक सड़क दुर्घटना में उनकी पत्नी को गंभीर चोट लगी। जिसके बाद डॉक्टरों को गर्भपात करना पड़ा।दयाशंकर का कहना है कि न्यायालय में सबूत मांगे जाते हैं इसलिए वह मजबूरी में अपने अजन्मे बच्चे का भ्रूण लेकर हाई कोर्ट सबूत पेश करने पहुंचा था। सिविल लाइन पुलिस के मुताबिक जब्त भ्रूण को उसकी वास्तविकता और उम्र की पुष्टि के लिए फारेंसिक लैब भेजा गया है। बता दें कि सोमवार को हाई कोर्ट में उस समय अफरातफरी की स्थिति निर्मित हो गई थी, जब याचिकाकर्ता पालीथिन में शिशु का भ्रूण लेकर कोर्ट की डाइस तक पहुंच गया था।
एएसआई समेत चार जवान निलंबित, विभागीय जांच भी होगी
हाई कोर्ट की सुरक्षा में गड़बड़ी मिलने पर एसपी संपत उपाध्याय ने सुरक्षा में तैनात एएसआई मुन्ना अहिरवार, हवलदार ब्रह्मादत्त खत्री, अरुण उपाध्याय और सिपाही प्रतीक सोनकर को ड्यूटी में लापरवाही करने पर मंगलवार को निलंबित कर दिया है। चारों को लाइन भेजा गया है, साथ ही विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं।
आज होगी
सुनवाई दयाशंकर की याचिका पर 11 मार्च को पुन: सुनवाई होगी। मंगलवार को हाई कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद नजर आई। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के बीच प्रत्येक प्रवेश करने वाले व्यक्ति की सघन तलाशी और पूछताछ के बाद ही प्रवेश दिया गया।
