हमीदिया अस्पताल में अब आसान होगा बोनमैरो व किडनी ट्रांसप्लांट; भोपाल से बाहर नहीं भेजने पड़ेंगे ब्लड सैंपल

भोपाल। मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल ‘हमीदिया’ में अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को रिपोर्ट का लंबा इंतजार नहीं करना होगा। बोनमैरो और किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़ी जटिल जांचों के लिए अब सैंपल दिल्ली या बेंगलुरु भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए अस्पताल प्रबंधन ने टेंडर प्रक्रिया शुरू की है, जिसके माध्यम से एक विशेषज्ञ एजेंसी का चयन किया जाएगा जो अस्पताल में ही ये सुविधाएं प्रदान करेगी।अस्पताल प्रबंधन ने इसके लिए एक विशेषज्ञ एजेंसी की तलाश शुरू कर दी है, जिससे मरीजों को एक ही छत के नीचे उच्च स्तरीय पैथोलॉजी सुविधाएं मिल सकेंगी।

क्यों अहम है यह कदम?

वर्तमान में किडनी और बोनमैरो ट्रांसप्लांट से पहले HLA टाइपिंग और क्रॉस-मैचिंग जैसी जटिल जांचें करानी अनिवार्य होती हैं। भोपाल के किसी भी सरकारी अस्पताल में यह सुविधा न होने के कारण सैंपल बाहर भेजे जाते हैं। इससे रिपोर्ट आने में देरी होती है और मरीजों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ता है।

मरीजों को मिलेगी सुविधा

वर्तमान में एचएलए टाइपिंग और क्रास-मैचिंग जैसी अत्यंत जटिल जांचों के लिए मरीजों के सैंपल बेंगलुरु और दिल्ली भेजने पड़ते हैं, जिससे रिपोर्ट आने में न केवल समय लगता है बल्कि मरीजों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ता है।

भोपाल के किसी भी सरकारी सेटअप में यह सुविधा पूर्णतः उपलब्ध न होने के कारण सैंपल बाहर भेजने की मजबूरी है। एजेंसी की नियुक्ति के बाद मरीजों को रिपोर्ट जल्द मिलेगी, जिससे ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया में तेजी आएगी।

प्रदेश का दूसरा केंद्र बनने की ओर कदम

हमीदिया अस्पताल प्रदेश का दूसरा ऐसा सरकारी अस्पताल बनने की राह पर है, जहां बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा विकसित की जा रही है। इसके साथ ही किडनी ट्रांसप्लांट सेवाओं को और अधिक आधुनिक बनाया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार हमीदिया ने वर्ष 2021 में प्रदेश के पहले सरकारी अस्पताल के रूप में किडनी ट्रांसप्लांट की शुरुआत की थी। अब तक यहां 11 सफल प्रत्यारोपण किए जा चुके हैं।

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