MP के श्रमिकों को सौगात… संबल योजना के 27 हजार परिवारों को मिले 600 करोड़, गिग वर्कर्स भी हुए शामिल

 भोपाल। श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने चार नई श्रम संहिताओं का प्रविधान किया है। प्रदेश में भी इन संहिताओं के अनुरूप नियम तैयार करके लागू किए जाएंगे। संबल योजना में उपभोक्ता सामग्री पहुंचाने वाले गिग वर्कर्स और प्लेटफार्म वर्कर्स को भी शामिल कर 3529 वर्कर्स को लाभ दिया गया है। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में संबल योजना में पंजीकृत 27 हजार से अधिक असंगठित क्षेत्र के श्रमि परिवारों को 600 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि अंतरित करते हुए कही।

उद्योगों की विश्वसनीयता और श्रमिकों की सुरक्षा की नई पहल

उन्होंने कहा कि श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करने वाले प्रतिष्ठानों को श्रम स्टार रेटिंग देने की व्यवस्था लागू की गई है। प्रदेश में 554 कारखानों ने स्वेच्छा से श्रम स्टार रेटिंग की व्यवस्था को अपनाया है। इससे औद्योगिक संस्थानों की विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। श्रमिक संगठनों, विभाग के ही नागरिकों का भी यह दायित्व है कि जिस प्रतिष्ठान से खरीदारी करते हैं, वहां श्रम स्टार रेटिंग की व्यवस्था लागू करने को प्रोत्साहित करें। ऐसे संस्थानों से उत्पाद क्रय करने और सेवाएं लेने को प्राथमिकता भी दी जाए जो श्रमिकों के अधिकार और कल्याण के लिए तत्पर रहते हैं।

अब तक 7,720 करोड़ रुपये की मिली सहायता

श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बताया कि वर्ष 2018 में प्रारंभ हुई संबल योजना से अब तक एक करोड़ 83 लाख श्रमिक जुड़ चुके हैं। अब तक आठ लाख 27 हजार से अधिक प्रकरणों में 7,720 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता हितग्राहियों को दी जा चुकी है। शासन की इस योजना का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के परिवारों को संकट के समय आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।

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