गुजरात, हिमाचल प्रदेश से राजस्थान तक भारी बारिश का अलर्ट; पूरे देश में जन-जीवन अस्त व्यस्त

उत्तराखंड के बागेश्वर में 15 सितंबर से पिंडारी और कफनी ग्लेशियर की राह रोमांच के शौकीनों के लिए खुल जाएगी। लेकिन पिंडारी ग्लेशियर मार्ग पर भारी बारिश से हुए नुकसान को देखते हुए ट्रैकरों की राह आसान होती नहीं दिख रही है। खाती से सात किमी आगे रुनेठा के पास पैदल पुल की नींव खोखली हो चुकी है। पुल को खतरे की जद में है। द्वाली के समीप चट्टानी रास्ता भी ध्वस्त हो चुका है। इससे पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ गई है। कारोबारियों का कहना है कि ट्रैकरों की एडवांस बुकिंग आने लगी है। पुल और रास्ते को देखते हुए फिलहाल उन्हें समय देने में दिक्कत हो रही है। विभाग को जल्द सुध लेनी चाहिए।
जम्मू-कश्मीर में 27 और 28 अगस्त को मौसम फिर बदल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार इन दिन में कुछ हिस्सों में भारी बारिश की सूरत में बाढ़, भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने का खतरा है। इस बीच मौसम साफ रहने से प्रदेश में तापमान में वृद्धि हुई है। कश्मीर के कई जिलों में दिन का पारा 31 डिग्री के ऊपर चल रहा है।
हिमाचल प्रदेश में राजधानी शिमला, ऊना, धर्मशाला और सोलन में शनिवार दोपहर बाद बादल झमाझम बरसे। रविवार और सोमवार को मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। 27 और 28 अगस्त को अधिकांश क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। 29 अगस्त को फिर मौसम साफ रहने के साथ धूप खिलने के आसार हैं। शनिवार को प्रदेश में 73 सड़कें और 53 बिजली ट्रांसफार्मर ठप रहे। जिला शिमला में 35, मंडी में 20, कांगड़ा में 9, कुल्लू में 6, किन्नौर में दो और ऊना में एक सड़क बंद रही।
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हो रही है। शनिवार को सुबह आठ बजे से पहले के 24 घंटे में 40 तहसीलों में 65 मिलीमीटर तक वर्षा दर्ज की गई। छत्रपति सभाजीनगर, जालना, बीड़, नांदेड़, परभणी और हिंगोली जिलों में पड़ने वाली इन तहसीलों में भारी बारिश हुई। नांदेड़ के लिंबगांव तहसील में सबसे अधिक 116.50 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
 

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