‘पॉकेट मनी चाहिए तो बाप है’, प्रतीक पर बरसे राज बब्बर के बेटे आर्य बब्बर- इज्जत देनी है तो बाप नहीं

राज बब्बर के बेटे और एक्टर आर्य बब्बर इस समय अपने एक इंटरव्यू को लेकर सुर्खियों में हैं, जिसमें उन्होंने पिता के स्मिता पाटिल संग अफेयर और रेखा की तरफ आकर्षण के बारे में बात की। साथ ही सौतेले भाई प्रतीक के बर्ताव पर भी बोले, जिन्होंने उनके और परिवार के साथ रिश्ता ही तोड़ लिया है। आर्य बब्बर ने कहा कि उन्होंने प्रतीक को हमेशा छोटा भाई माना और उनके मन में उनके लिए बड़े भाई जैसा प्यार रहा, पर प्रतीक ने ही परिवार से रिश्ता तोड़ लिया। उन्होंने पिता राज बब्बर को अपमानित करने और उनका फायदा उठाने के लिए भी प्रतीक को लताड़ा। आर्य बब्बर ने कहा कि जब पैसे चाहिए तो वो तुम्हारे बाप हैं, और इज्जत देनी है तो बाप नहीं।

आर्य बब्बर का प्रतीक पर पिता का फायदा उठाने का आरोप

आर्य बब्बर ने विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में इस बात पर हैरानी जताई कि प्रतीक उनके के साथ रियलिटी शोज में परिवार का हिस्सा बनकर गए हैं। साथ में परिवार की तरह रहे हैं। यहां तक कि वह मेरी स्टैंड-अप कॉमेडी देखने आया है और उसने तारीफ की है। पर समझ में नहीं आता कि ये 180 डिग्री का टर्न क्यों?

‘पॉकेट मनी चाहिए तो बाप, समाज में इज्जत देनी है तो बाप नहीं’

आर्य बब्बर बोले, ‘ये कुछ ऐसा है कि जब आपका करियर अच्छा नहीं चल रहा है, आपको बाप से पॉकेट मनी चाहिए टू सर्वाइव। तब आपका बाप बाप है। है ना? आपके बाप ने हमारी स्मिता मां के लिए जो घर बनाकर दिया, उसमें आपको रहना है, तब वो आपका बाप है। मतलब जब आपको सारे बेनिफिट्स लेने हैं, तब वो आपके बाप हैं। पर जब आपको सोसाइटी में उन्हें इज्जत देनी है, तब वो आपका बाप नहीं है।’

प्रतीक अब राज बब्बर को पिता कहकर नहीं बुलाते

आर्य बब्बर ने आगे कहा, ‘ये तो यार क्या बात हुई? अगर बड़ा भाई होने के नाते मैं उसे प्यार करता हूं, तो जहां गलत है, वहां गलत भी बोलूंगा। और यहां वह बिल्कुल गलत है। कितने बड़े दुख की बात है कि जिस स्मिता मां के लिए पापा ने हम सबको छोड़ा और चले गए, आज उसी स्मिता मां का जो बच्चा है, वो पापा को पापा नहीं मान रहा है। इससे बड़ा दुख और क्या हो सकता है कि तुम पहले उन्हें पापा कहकर बुलाते थे, पर अब नहीं।’

प्रतीक के पिता और परिवार संग कब-कैसे बिगड़े रिश्ते?

प्रतीक बब्बर का पिता राज बब्बर और उनकी पहली पत्नी के परिवार के साथ मनमुटाव वाला रिश्ता रहा है, पर आपसी रिश्ते में तब और खटास आ गई थी, जब प्रतीक ने अपनी शादी में न तो पिता को बुलाया और ना ही उनके परिवार को। और तो और अपने नाम से पिता का सरनेम ‘बब्बर’ हटाकर मां स्मिता पाटिल का सरनेम लगा लिया। जहां प्रतीक बब्बर, राज बब्बर और स्मिता पाटिल के बेटे हैं, वहीं आर्य, उनके और पहली पत्नी नादिरा बब्बर के बेटे हैं। नादिरा से शादी के बावजूद राज बब्बर ने स्मिता पाटिल से शादी कर ली थी और वह परिवार को छोड़ उनके साथ रहने भी चले गए थे। हालांकि, स्मिता की मौत के बाद वह वापस पहली पत्नी और बच्चों के पास लौट आए।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *