“विधिक सहायता हेल्प डेस्क” मुलाकात से न्याय तक, जिला जेल दंतेवाड़ा व सुकमा में बंदियों के परिजनों को मिलेगा
दंतेवाड़ा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के परिपालन में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संतोष कुमार आदित्य के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला जेल दंतेवाड़ा एवं जिला जेल सुकमा के मुलाकाती क्षेत्रों में “विधिक सहायता हेल्प डेस्क” की स्थापना की गई है।
यह पहल जेल प्रशासन के सहयोग एवं समन्वय से प्रारंभ की गई है, जिसका उद्देश्य बंदियों के परिजनों एवं आगंतुकों को सरल एवं सुलभ विधिक सहायता उपलब्ध कराना है। विधिक सहायता हेल्प डेस्क के माध्यम से हिरासत में लिए गए व्यक्तियों के परिवारों, महिला देखभालकर्ताओं, बुजुर्ग आश्रितों, बच्चों तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्राथमिक रूप से लाभ मिलेगा। हेल्प डेस्क में नियुक्त पैरालीगल वालंटियर्स द्वारा बंदियों के परिजनों को विधिक जानकारी, आवश्यक प्रक्रियात्मक मार्गदर्शन तथा विभिन्न कानूनी सहायता संबंधी जानकारी प्रदान की जाएगी।
इसके साथ ही राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं एवं शासकीय लाभकारी योजनाओं की जानकारी भी आगंतुकों को उपलब्ध कराई जाएगी। इस व्यवस्था से बंदियों, उनके परिजनों तथा जेल प्रशासन के बीच बेहतर संवाद स्थापित होगा तथा प्रक्रियात्मक देरी में कमी आने के साथ न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बताया गया कि “विधिक सहायता हेल्प डेस्क” प्रतिदिन संचालित रहेगा तथा पैरालीगल वालंटियर्स द्वारा नागरिकों को पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा।
