पहले चरण की वोटिंग से पहले बंगाल में शराब बंद, अप्रैल महीने में दारू की बेतहाशा बिक्री पर चुनाव आयोग ने लिया फैसला
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में शराब की बिक्री पर चुनाव के कुछ दिन पहले से ही प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। यह बैन आमतौर पर चुनाव से दो दिन पहले शुरू होता है। बंगाल के जिन इलाकों में 23 अप्रैल को चुनाव होने हैं, वहां अब शराब की बिक्री पर रोक है।
‘शराब की बिक्री में असामान्य रूप से तेजी’
चुनाव आयोग ने अपने एक बयान में कहा कि यह देखा गया है कि शराब की बिक्री में असामान्य रूप से तेजी आई है। इसके अलावा, पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में अप्रैल 2026 के दौरान WBSBCL डिपो से खुदरा विक्रेताओं द्वारा पैकेट वाली शराब उठाने में भी अचानक बढ़ोतरी हुई है। चुनाव आयोग ने कहा कि इसके साथ ही निर्धारित मानदंडों के आधार पर पहचानी गई संवेदनशील दुकानों की संख्या में भी असामान्य वृद्धि हुई है।
बंगाल में बीजेपी और टीएमसी में कांटे की टक्कर
चुनाव आयोग ने कहा कि वह शराब की निगरानी से जुड़ी गतिविधियों समेत कई स्रोतों से शराब बैन के अपने नतीजे पर पहुंचे हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि अप्रैल में शराब की बिक्री पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले ज्यादा रही है। बता दें कि बंगाल चुनाव में सत्ताधारी टीएमसी और बीजेपी के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिल रही है।
‘बंगाल में होगा स्वतंत्र चुनाव’
- सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बंगाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए वे कोई कसर नहीं छोड़ेंगे
- आयोग ने कहा कि राज्य सरकार, स्थानीय निकायों या स्वायत्त निकायों के किसी भी कर्मचारी को चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी
- वहीं, टीएमसी ने चुनाव आयोग पर बीजेपी की मदद करने का आरोप लगाया है
- चुनाव की घोषणा के बाद से चुनाव आयोग ने राज्य में बड़े पैमाने पर नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों का फेरबदल भी किया है
