एक जून से पांच जून के बीच थानों में तबादले:कोई भी पुलिसकर्मी एक थाने में पांच साल से अधिक नहीं रहेगा, दोबारा भी पदस्थ नहीं होगा
भोपाल, एमपी में अब किसी भी पुलिसकर्मी की एक ही थाने में पांच साल से अधिक अवधि तक पोस्टिंग नहीं रहेगी। इसके साथ ही उसी थाने में उसी दोबारा पदस्थ भी नहीं किया जा सकेगा। आरक्षक से उप निरीक्षक के पद पर किसी भी कर्मचारी को एक ही पुलिस अनुविभाग में अलग-अलग पोस्टिंग के बाद भी दस साल से अधिक समय तक पदस्थ नहीं किया जाएगा।
यह निर्देश पुलिस मुख्यालय ने पुलिस थानों में कर्मचारियों की पदस्थापना को लेकर जारी किए हैं। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि थानों में लंबे समय से पदस्थ कर्मचारियों का चरणबद्ध स्थानांतरण किया जाएगा ताकि पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बनी रहे।
शुक्रवार को जारी आदेश में डीजीपी कैलाश मकवाणा ने पुलिस आयुक्त इंदौर, भोपाल और सभी पुलिस अधीक्षकों से कहा है कि किसी भी कर्मचारी की एक ही थाने में एक पद पर पदस्थापना अवधि अधिकतम 4 वर्ष रहेगी। इसकी कुल अधिकतम अवधि 5 वर्ष तक हो सकती है। वहीं पदस्थापना अवधि पूर्ण होने के बाद संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को उसी थाने में दोबारा पदस्थ नहीं किया जाएगा।
पदस्थापना की अवधि 10 साल से अधिक नहीं होगी
पीएचक्यू के निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी कर्मचारी की अलग-अलग पदों पर एक ही थाने में पुनः पदस्थापना के बीच कम से कम 3 वर्ष का अंतर आवश्यक रहेगा। आरक्षक से लेकर उप निरीक्षक स्तर तक किसी भी कर्मचारी की एक ही पुलिस अनुभाग में विभिन्न पदों पर कुल पदस्थापना अवधि 10 वर्ष से अधिक नहीं होगी।
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिले के थानों में पदस्थ कर्मचारियों की तत्काल समीक्षा कर 1 जून 2026 से 5 जून 2026 तक स्थानांतरण आदेश जारी करें। साथ ही 15 जून 2026 तक नई पदस्थापना वाले थानों में कर्मचारियों की जॉइनिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि स्थानांतरित कर्मचारियों से संबंधित लंबित जांच और प्रकरणों की जानकारी नए थाना प्रभारियों को विधिवत सौंपी जाएगी। पुलिस मुख्यालय ने सभी इकाइयों से 16 जून 2026 तक रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
