भारत, चीन और रूस समेत छह देशों पर है अमेरिका की करीबी नजर, आखिर क्या है मामला

नई दिल्ली: अमेरिका ने भारत को चीन और रूस सहित छह देशों के साथ बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) संरक्षण और प्रवर्तन से जुड़े मुद्दों पर प्राथमिकता निगरानी सूची में बरकरार रखा है। संयुक्त राज्य व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) की 2026 की विशेष 301 रिपोर्ट में वियतनाम को ‘प्राथमिक विदेशी देश’ (पीएफसी) के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। यह 13 वर्ष में पहली बार है जब किसी देश को इस श्रेणी में रखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, यह श्रेणी उन देशों के लिए होती है जिनकी नीतियां और प्रथाएं अमेरिकी उत्पादों पर सबसे अधिक नकारात्मक प्रभाव डालती हैं।

इसमें कहा गया कि वियतनाम बौद्धिक संपदा अधिकारों की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सार्थक प्रगति नहीं कर रहा है और न ही वह प्रभावी वार्ताओं में पर्याप्त सहयोग कर रहा है। प्राथमिकता निगरानी सूची में शामिल छह देश चीन, भारत, इंडोनेशिया, चिली, रूस और वेनेजुएला हैं। किसी देश को प्राथमिकता निगरानी सूची या निगरानी सूची में रखने का मतलब है कि वहां बौद्धिक संपदा संरक्षण, प्रवर्तन या बाजार पहुंच से जुड़े गंभीर मुद्दे मौजूद हैं।

वियतनाम के साथ बातचीत

इस रिपोर्ट में यूरोपीय संघ, तुर्किये और पाकिस्तान सहित 19 देशों को निगरानी सूची में रखा गया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जैमीसन ग्रीर ने कहा, ‘अनुचित व्यापार प्रथाओं से निपटने के लिए हमारे सभी प्रवर्तन साधनों का उपयोग करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।’ रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका वियतनाम के खिलाफ 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 301 के तहत जांच शुरू करने पर 30 दिन के भीतर फैसला करेगा। अगर जांच शुरू होती है तो वियतनाम के साथ बातचीत कर मुद्दों को सुलझाने की कोशिश की जाएगी।यह विशेष 301 रिपोर्ट अमेरिका द्वारा हर साल जारी की जाती है जिसमें 100 से अधिक व्यापारिक साझेदार देशों में बौद्धिक संपदा अधिकारों की स्थिति का आकलन किया जाता है। रिपोर्ट में कहा गया कि बौद्धिक संपदा के संरक्षण और प्रवर्तन के मामले में भारत दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है।

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