प्रेमानंद महाराज की नीम करोली बाबा पर फिल्म को लेकर चेतावनी- एक्टर साधना करे, चरित्र संग खिलवाड़ नहीं

कुछ दिनों पहले ही नीम करोली बाबा की जिंदगी पर एक फिल्म का ऐलान किया गया था, जिसका नाम ‘हनुमान अंश’ रखा गया। नीम करोली बाबा को हनुमान का सिद्ध अवतार माना जाता है। आम श्रद्धालुओं से लेकर कई सेलिब्रिटीज तक नीम करोली बाबा को पूजते हैं और उनके दर्शन करने कैंची धाम और उनकी अन्य पवित्र जगहों पर जाते हैं। अब नीम करोली बाबा पर जो फिल्म बन रही है, उसमें कौन यह किरदार निभाएगा, फिलहाल यह तो बताया नहीं गया है। पर इस फिल्म को बनाने जा रहीं अनुप्रिया नागर हाल ही प्रेमानंद जी महाराज से मिलने पहुंचीं और फिल्म के लिए मार्गदर्शन मांगा। प्रेमानंद जी महाराज ने फिर बताया कि नीम करोली बाबा या किसी भी महापुरुष पर फिल्म को बनाते वक्त क्या सावधानियां बरतनी होंगी और एक्टर को क्या करना होगा।

प्रेमानंद महाराज बोले- कुछ ऐसा न दिखाएं जो अपराध लगे

अनुप्रिया नागर ने प्रेमानंद जी महाराज से पूछा कि हमें नीम करोली बाबा पर फिल्म बनाने का सौभाग्य मिला है। क्या ऐसी धार्मिक फिल्म बनाने से इनकी सेवा मिल सकती है? तो प्रेमानंद जी महाराज बोले, ‘हां, ध्यान रहे कि महापुरुषों का अनुकरण करना कठिन होता है। कोई सांसारिकता न आए क्योंकि किसी भी महापुरुष के चरित्र को देखकर हमारे अंदर बैराग्य, भक्ति और ज्ञान- तीनों बातें आनी चाहिए। कहीं किसी महापुरुष के चरित्र में ऐसी, कुछ भी दृश्य या कोई भी ऐसा अभिनय ना प्रस्तुत किया जाए, जो अपराध लग जाए। जैसे नीम करोली बाबा विरक्त एक महापुरुष भगवत प्राप्त महापुरुष हैं, तो इन महापुरुषों का अनुकरण, एक तो किया नहीं जा सकता क्योंकि स्थिति नहीं है।’

‘फिल्म की लोकप्रियता के लिए कुछ भी न परोस दें, अपराध बन जाएगा’

प्रेमानंद जी महाराज ने आगे कहा, ‘अब अगर हम बाहरी कुछ अनुकरण करते हैं, तो हमको अभिनय में ध्यान रखना है कि कहीं अपनी फिल्म की या अपने नाटक की समाज प्रियता के लिए हम कुछ विषय न परोस दें। हम कहीं कुछ ऐसा न कर दें जो महापुरुष के अभिनय से अलग हो जाए, और वो हमारे लिए अपराध बन जाए। इसलिए सावधान रहें। चाहे लोग देखें या न देखें, जो आपने पढ़ा और सुना है उनके विषय में, ठीक वैसे ही किया जाए, प्रमाणित या अप्रमाणित न किया जाए। अभिनय में कुछ भी सांसारिकता या विषय न परोस दिया जाए लोकप्रियता के लिए, नहीं तो वो अपराध बन जाएगा क्योंकि महापुरुष का चरित्र निर्विषय होता है। ना है, तो हमको ये ध्यान में रखना है कि अभिनय में कहीं कुछ भी दृष्य या एक्ट ऐसा न दिखाया जाए जो अपराध लगे।’

‘अभिनय करने वालों को कुछ दिन साधना करवानी चाहिए’

प्रेमानंद जी महाराज ने फिर कहा कि जो भी एक्टर ऐसे महापुरुषों का किरदार निभाए, उन्हें साधना करनी चाहिए और संतो संग रहना और कुछ दिन फलाहार पर रहना चाहिए। वह बोले, ‘नीम करोली बाबा का अभिनय करने के लिए हमें साधना करनी होगी। हमारा खान-पान ठीक होना चाहिए। हमारा चरित्र ठीक होना चाहिए। हमारे आचरणों में पवित्रता आनी चाहिए। वाणी में मृदुलता होनी चाहिए। पहले कुछ दिन साधना करवानी चाहिए अभिनय करने वालों को। अगर किसी महापुरुष का चरित्र निभाना है, तो पहले कुछ दिन साधना करनी चाहिए। फल-फूल आदि खाकर रहना चाहिए। उसके लिए पवित्र फलाहार, पवित्र सात्विक भोजन, संतों का संग, संतों के चरित्र पढ़ो…तब आप ऐसे महापुरुषों का अभिनय कर सकते हो। नहीं तो बाहरी नाटक दिखा सकते हो, पर वो सत्यता नहीं ला सकते।’

जून 2026 में रिलीज होगी ‘हनुमान अंश’

‘हनुमान अंश’ जून 2026 में रिलीज की जाएगी। इसे हिंदी के अलावा बुंदेली और ब्रज भाषा में भी रिलीज किया जाएगा। फिल्म को विशाल चतुर्वेदी ने डायरेक्ट किया है, जबकि अनुप्रिया नागर, नम्रता जी और रागिनी एस प्रोड्यूसर हैं।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *