भोपाल की ‘सुपर वुमन’ सुनीता सिंह का कमाल, 56 साल की उम्र में माउंट किलिमंजारो की चोटी फतह कर रचा इतिहास
भोपाल। अदम्य साहस और दृढ़ निश्चय का परिचय देते हुए स्टेट बैंक भोपाल में पदस्थ सुनीता सिंह ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो (5,895 मीटर) पर तिरंगा फहराकर नई उपलब्धि हासिल की है। 15 अप्रैल 2026 को 56 वर्ष पांच माह की उम्र में यह कारनामा कर उन्होंने सबसे उम्रदराज भारतीय महिला पर्वतारोही बनने का दावा किया है।
मूलत: जबलपुर निवासी और रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से शिक्षित सुनीता सिंह भारतीय स्टेट बैंक के भोपाल मुख्यालय में सहायक महाप्रबंधक हैं। उन्होंने बताया कि नौकरी की व्यस्तता और उम्र के इस पड़ाव के बावजूद पर्वतारोहण के लिए समय निकालना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन दृढ़ संकल्प ने उन्हें आगे बढ़ाया
चुनौतियों भरा रहा सफर
सुनीता ने बताया कि किलिमंजारो की चढ़ाई के दौरान उन्हें कई बाधाओं का सामना करना पड़ा। अप्रैल-मई में वहां वर्षाकाल होने के कारण आमतौर पर माउंटेनिंग नहीं होती, लेकिन मुझे इसी समय छुट्टी मिली, इसलिए विपरीत मौसम में ही जाने का निर्णय लिया।
किलिमंजारो की समिट छह दिन की होती है, समय बचाते हुए मैंने इसे चार दिन में पूरा किया। माउटेनिंग आमतौर पर रात को शुरू होती है, लेकिन वर्षा के कारण मैं सुबह निकली और शाम को लक्ष्य पूरा किया।
वापसी में रास्ता भटक गई थीं सुनीता
पर्वत की चोटी तक पहुंचने में नौ घंटे और लौटने में रात के समय रास्ता भटकने के कारण आठ घंटे का समय लगा। इससे पहले 24 अगस्त 2025 को मैंने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस (18,510 फीट) पर भी जीत हासिल की थी।सुनीता सिंह की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अगर संकल्प दृढ़ हो, तो उम्र और पेशेवर जिम्मेदारियां सपनों की राह में बाधा नहीं बनतीं। इस उपलब्धि के बाद वे अब नए और कठिन लक्ष्य हासिल करने के लिए उत्साहित हैं।
