रतलाम में रेलवे ट्रैक पर भरा पानी, उज्जैन में शिप्रा किनारे मंदिर डूबे

मालवा-निमाड़। प्रदेशभर में जारी बारिश के बीच मालवा-निमाड़ अंचल के कई जिलों में बुधवार रात आफत की वर्षा हुई। इससे उज्जैन में शिप्रा नदी उफनी और रामघाट के मंदिर पानी में समा गए। मंगलनाथ क्षेत्र स्थित अंगारेश्वर मंदिर भी आधा जलमग्न हो गया। रामघाट के समीप छोटे पुल से लगभग छह फीट ऊपर पानी बहा।

गंभीर डैम के चार गेट खोलना पड़े

उज्जैन में दाउदखेड़ी स्थित सीएम राइज व एक अन्य शासकीय विद्यालय में शिक्षक व विद्यार्थी पानी से घिर गए थे। ट्रैक्टर व मोटर बोट की सहायता से निकाला गया। इसी तरह पार्वती धाम वृद्ध आश्रम में 14 नागरिक एवं गोशाला में दो सदस्य फंस गए, जिन्हें एसडीआरएफ ने निकाला। गंभीर डैम के चार गेट खोलना पड़े।

मालवा-निमाड़ के अन्य शहरों की स्थिति

-रतलाम में रेलवे ट्रैक पर पानी भर गया। कई स्थानों पर तेज हवा से कच्ची-पक्की दीवारें, टिन शेड धराशायी हो गए। घर-दुकानों में जलभराव से लोगों को नुकसान पहुंचा। सड़कों पर कहीं दो, तो कहीं पांच फीट तक पानी बहने लगा।

-नीमच जिले के श्रीपुरा और घाटी गांव में बाढ़ जैसे हालात बन गए। मालखेड़ा में रपट पर पानी आने से नीमच

-सिंगोली रोड पर आवागमन बाधित हुआ। खेतों में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है।

-मंदसौर में कालाभाटा बांध के तीन गेट खोले गए हैं। पशुपतिनाथ मंदिर की छोटी पुलिया के ऊपर से पानी निकलने लगा। गांव करजू में नाले में बहे मोटरसाइकिल सवार युवक को बचा लिया गया।

-देवास में शिप्रा डैम के दो गेट गुरुवार सुबह खोले गए। एक गेट पहले से खुला हुआ था।

-शाजापुर में कई गांवों में घरों और दुकानों में जलभराव की समस्या देखने को मिली।

गुरुवार सुबह तक 24 घंटे में हुई वर्षा

  • क्षेत्र : वर्षा (मिमी में)
  • भीकनगांव (खरगोन) : 138
  • उज्जैन : 100
  • रतलाम : 54.0
  • पीथमपुर (धार) : 110
  • बदनावर (धार) : 108.2
  • बड़नगर (उज्जैन) : 109
  • आलीराजपुर : 108.4
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